अनुशासन के बिना जीवन में सफल होना मुश्किल है - Discipline Ke Bina Jeevan Mein Safal Hona Mushkil Hai

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' अनुशासन ' ⇨  अनुशासन (Discipline) मानव सफलता का सरल साधन है अनुशासन (Discipline) सफल Rules के पालन सदाचारण की शिक्षा, मन तथा स्वभाव पर Control, अध्ययन का Subject है, ज्ञान-विज्ञान के Rules, आचरण की परीक्षा इत्यादि से सम्बन्ध रखता है। जीवन (Jeevan) में प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन  (Discipline) का होना जरुरी है। 


अनुशासन के बिना जीवन में सफल होना मुश्किल है - Discipline Ke Bina Jeevan Mein Safal Hona Mushkil Hai
Discipline Ke Bina Jeevan Mein Safal Hona Mushkil Hai 

🔺 "अनुशासन "
दो शब्दों के मेल से बना है -' अनु ' का अर्थ  पीछे, बाद में, अनुकथन तथा  ' शासन ' का अर्थ हकूमत का कार्य, सरकारी हुक्म, Control तथा वश में रहना कहलाता है जीवित व्यवस्था, जिंदगी की सजीव वस्तुए, जीवित बने रहने की अवधि,असितत्व की कलावधि, मानव जीवन (Jeevan) घटनाएँ, स्फूर्ति, ऊर्जा, तथा सक्रियता (जिंदादिली) इसी क्रिया की शुद्ध उपलब्धि है। 🔺


अनुशासन का उददेश्य (The Purpose Of Discipline) :⇨

     अनुशासन (Discipline) की उपलब्धि के बिना, हम सभी को दो चीजें बर्दाश्त करनी पड़ती है। अनुशासन (Discipline) का कष्ट या पछतावा और मायूसी की पीड़ा। प्राथमिकताओ को समझना ही Real नेतृत्व है और उसका अनुकरण करना ही सत्य प्रबंधन है। 

 लगातार अभ्यास से ही अनुशासन (Discipline) का आत्मविश्वास पैदा होता है। 
 अपनी इच्छाओं और प्रयास पर अनुशासन (Discipline) आपके चरित्र का आधार है। 
 अनुशासन (Discipline) वो निर्मल अग्रि (Fire) है जिससे प्रतिभा, क्षमता में परिवर्तित हो जाती है। 
 अनुशासन (Discipline) की कमी इंसान को आत्म-घृणा की तरफ ले जाती है। 
 अनुशासन (Discipline) में न रहने वाला व्यक्ति बिना सम्मान के मरता है। 
  आप अभी क्या चाहते है और आपको जीने के लिए सबसे ज़्यादा क्या चाहिए, ये चुनाव अनुशासन                     (Discipline) से मिल सकता है। 
 जिस कार्य को आप न चाहते हुए भी करते है क्योंकि आप जानते है की होना ही चाहिए - तब उस का कारण अनुशासन (Discipline) ही है। 


अनुशासन से उपलब्धि (Achievement From Discipline) :⇨

" Discipline Ke Bina Jeevan Mein Safal Hona Mushkil Hai "

  • अनुशासन (Discipline) हमारे चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। 
  • अनुशासन (Discipline) प्रत्येक व्यक्ति और समाज का उत्थान करता है। 
  • अनुशासन (Discipline) के बिना पूरी दुनिया अव्यवस्थित हो जाएगी। 
  • अनुशासन (Discipline) का कोई विकल्प नहीं होता Because यह एक सर्वश्रेष्ट उपलब्धि है। 
  • अनुशासनहीन व्यक्ति कभी दुसरो की प्रशंसा नहीं कर सकता है। 
  • अनुशासन (Discipline) की हीनता से सभी बच्चो तथा बड़ो का भविष्य ख़राब कर देता है। 
  • अनुशासन (Discipline) की कमी से वर्तमान और भविष्य बर्बाद हो जाता है। 
  • कई लोगो के लिए अनुशासन (Discipline) कड़वी दवा बनती है, But सजा नहीं है। 
  • अनुशासन (Discipline) प्राप्त रखने के लिए बचपन से बढ़ते रहना चाहिए Because जीवन (Jeevan ) की उन्नति अपनी प्रयास लाती रहेगी। 
  • अनुशासन (Discipline) सही बाते सिखाता है और विशेष रास्ता जीवन को सफलता देता है इसलिए हमें समाज,सरकार,और विभिन्न संस्थाओं द्वारा बनाये गए अनुशासन (Discipline) को मानना चाहिए। 
  • अनुशासन (Discipline) तोड़ने वालो के साथ किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखानी चाहिए। 

अनुशासन के अलग - अलग क्षेत्र (Different Areas of Discipline) :⇨

" Discipline Ke Bina Jeevan Mein Safal Hona Mushkil Hai "

                       अनुशासन (Discipline) मानव जीवन का आवश्यक अंग है मनुष्य के प्रत्येक क्षेत्र में चाहे वह खेल का मैदान हो अथवा विद्यालय, घर हो अथवा घर के बारह, कोई सभा या सोसाइटी, सभी जगह अनुशासन (Discipline) के Rules का पालन करना पड़ता है। परिवार तो अनुशासन (Discipline) की आरम्भिक पाठशाला है। 

अनुशासित जीवन की शिक्षा देने वाला दूसरा स्थान विद्यालय है। सामाजिक स्तर प्रत्येक व्यक्ति को कदम - कदम पर सही व्यवहार सिखाती है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी यात्रा निशिचित करनी पड़ती है। दिन - रात, सप्ताह, महीना तथा वर्ष भर की कार्य प्रणाली के लिए, उन्नति से कार्य सोच कर करना पड़ता है। 

                   सुबह Time पर उठना, प्रार्थना करना, खाने पीने का इंतजाम, दिन का कार्य इत्यादि। हर काम के लिए अपने नियम - प्रतिनियम का अनुशासित ढंग से पालन करना चाहिए। शुद्ध विचार, लक्ष्य, संस्कार और नेक आचार को अपनाये। अच्छी आदते तथा नेक चरित्र को अपनाये। 

शुद्ध विचार, लक्ष्य, संस्कार और व्यापार को अपनाये। अच्छी आदते तथा नेक चरित्र का पालन करे। परिवार तथा समाज के प्रत्येक प्राणी के साथ मानसिक तथा आध्यात्मिक संबंध रखने चाहिए। अपने ज्ञान पर भरोसा, साहस, विश्वास, ध्यान, सच्चे संबंध तथा विन्रमता बनाये रखें। 

                   अपनी इच्छाओं पर अनुशासन (Discipline) ही आपके चरित्र का आधार है। जिस कार्य को आप Only समझ कर अच्छा परिणाम ले लेते है। वही अच्छा अनुशासन (Discipline) बन जाता है। आप एक उददेश्यपूर्ण और आनंदमय जीवन बीता सकते है। Real में तभी Powerful और आनंदमय हो सकते है। 


ईश्वर का अनुदान (God's Grant) :⇨

" Discipline Ke Bina Jeevan Mein Safal Hona Mushkil Hai "

      अनुशासित जीवन जीना और उस अनुशासन (Discipline) के परिणाम को God का वरदान मान कर स्वीकार करना किसी के पुरुष होने का संकेत देती है। आत्म अनुशासन (Discipline) स्वतंत्र मनुष्य की गुलामी है। Real अनुशासन (Discipline) वही है जो मानव की आत्मा से सबंध रखती है। Because शुद्ध आत्मा कभी भी मानव को अनुचित कार्य करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती। 

अनुशासन (Discipline) ही खुशहाल और शान्ति पूर्ण जीवन जीने की सबसे बड़ी जरूरत है जो व्यक्ति बिना   अनुशासन (Discipline) के जीता है। वो बिना सम्मान के मरता है। दिव्य सत्ता शुभ चेतना है यही अनादि तथा अनन्त है मनुष्य की क्रियाए परिवर्तन शील होती है

But दिव्य सत्ता परिवर्तन रहित और आनंदमय है। God की कृपा के बारे में सुमरिन और विश्वास के साथ पूर्ण  अनुशासन (Discipline) को अपनाये। मन के तूफान धीरे धीरे शांत हो जायेंगे। गहन शान्ति और आनंद के क्षेत्रों तक पहुंचना आसान हो जायेगा 

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Final Word :⇨
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अनुशासन के बिना जीवन में सफल होना मुश्किल है
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